हमारे भारत हमारी भारत माता को आजादी के बाद इतना संघर्ष क्यों करना पड़ा?

हमारे भारत हमारी भारत माता को आजादी के बाद इतना संघर्ष क्यों करना पड़ा?

हमारे भारत हमारी भारत माता को आजादी के बाद इतना संघर्ष क्यों करना पड़ा? जरा समझते हैं जब देश आजाद हुआ मान लो, आप जेल में थे और आपको जेल से मुक्त किया गया पर आपके हाथों में कानून की बेड़ियां बांधी गई| आपसे कहा गया आप आजाद हो, तो क्या आप रियली में आजाद हुए? ऐसी कई कठिन परिस्थितियों में हमारे देश के माननीय श्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी श्री वल्लभभाई पटेल जी श्री आबेडकर जी और कई ज्ञानी महाज्ञानी आत्माओं ने देश को चलाया| सफलता से चलाया और बसाया| थोड़ी देर के लिए आप केवल सोचो कि आप उस समय थे और आपको देश चलाना था जब आपके हाथों में बेड़ियां हैं और देश कई प्रकार के संघर्षों से गुजर रहा था जहां लोगों तक बात पहुंचाने का माध्यम केवल एक न्यूज़पेपर और रेडियो हो और वह भी 40 करोड़ की जनता में अपनी बात पहुंचाना शांति और अमन का स्थापना करना वगैरा-वगैरा| मैं केवल आपसे इतना कहना चाहता हूं अगर आज आपकी एरिया में कहीं पर छोटा दंगा हो रहा हो तो क्या आप उसको संभाल सकते हैं? और परिस्थितियां आज की उन दिनों से कई बेहतर है फिर भी हम में से कितने लोग ऐसे छोटे-मोटे झगड़े या दंगे होते देखकर उनको रोकने की क्षमता रखते हैं? अब आप कंपेयर कीजिए उस समय क्या परिस्थितियां रही होगी कितना कठिन रहा होगा| इसी से समझ में आता है कि हमारे महाशक्ति और महाज्ञानी आत्माओं ने कैसे हमें आजादी दिलाई बसाया खिलाया पिलाया और वह हर संभव सुविधा दी जिससे हम सेटल हो सके| आज हम केवल अपना एक घर बनाने और संभालने में पूरा जीवन निकाल देते हैं| और फिर भी कुछ न कुछ कमियां रह जाती है कुछ ना कुछ गलतियां हो जाती है कुछ ना कुछ भूल हो जाती है| हम में से कुछ लोग बड़ी आसानी से उन महान आत्माओं को गालियां देने से नहीं चूकते| हम तो केवल अपना घर बसाने में अपना जीवन लगा देते हैं और फिर भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो पाते| हम अपना परिवार एक बनाकर नहीं रख पाते| भाई भाई से अलग हो रहा है| मां-बाप अलग रहते हैं बच्चे अलग रहते हैं| हमारे देश भक्तों ने और नेताओं ने देश को आजाद कराया और लोगों को भी आजाद कराया, और बसाया भी| क्या कोई इस तरह का महान बलिदान कर सकता है? आज हमें केवल इमानदारी से टैक्स भरने को बोला जाए तो हम भड़क जाते हैं सरकार को गलतियां निकालने लगते हैं, बहाने बनाते हैं| जिन्होंने देश को बसाया और चलाया अर्थव्यवस्था का स्थापना किया उनका सम्मान करना चाहिए, आदर के साथ शुक्रिया करना चाहिए कि आज हम अच्छी परिस्थिति में है| आज जो आप सुखी हो उस सुख के लिए किसी ने बलिदान भी दिया है| अगर आज आप आपकी एरिया में आपके घर में सुखी हो तो उसमें आपकी पुलिस का बलिदान है और आपका देश आज सुरक्षित है तो उसमें जवानों का बलिदान है| अगर यह नहीं होते और आप की ही जिम्मेदारी होती कि आप अपने घर की सुरक्षा करें रक्षा भी करें आप अपने देश की रक्षा करें और अपना घर भी चलाएं तो? इसलिए हमें हर उस सरकार के सेवक का जवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए जो आपको केवल इतना कह रहे हैं आप शांति से भाईचारे से साथ में रहो, काम धंधा करोअपना घर चलाओ खुश रहो टैक्स भरो मजा करो| आपके सुख में आपके पुलिस का जवानों का सरकार का सब का योगदान है तभी आप सुखी है| कुछ क्षेत्रों में और गांव में कमियां हैं इसलिए वहां पर लोगों को पूरा सुख का अनुभव नहीं होता होगा मैं सहमत हूं| इसलिए मैं आपको और सरकार को दरख्वास्त करूंगा आपस में मिलजुल कर अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत करें ताकि छोटे से छोटे गांव तक पूर्ण सुख का अनुभव हो|❤

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