मानव और मानवता, Are you proud of being human?

मानव और मानवता, Are you proud of being human?

We are proud of several things, achievements, and tags like I am an engineer, doctor, businessman, manager, and so on. But have any of us or how many of us have felt pride about being, I am a human? Like rich person feels pride in being rich, but ever felt pride just for, I am a human. God has gifted me the life of a Human. The way we love gifts from childhood a shoe for school or car toys etc; we felt so much joy getting those, now we are feeling joy in BMW, etc, but have we or how many of us felt joy that he/se is gifted a human life, by the Supreme. Before it’s too late let us feel it and thank & gratitude the Supreme for being kind to us, and giving us this creation. It’s time for us to awaken, serve and give back! Let’s Help, Save and Protect HIS beautiful creations. Whether it’s our fellow humans, planet, animals, or else.

हम लोग कई बार फक्र महसूस करते हैं मैं इंजीनियर हूं मैं डॉक्टर हूं मैं बिजनेसमैन हूं वगैरह| पर हमें से आज तक कितने लोगों ने इस बात पर फक्र किया है कि मैं मानव हूं मुझे मानव जन्म मिला है| जब हम किसी बात का फक्र करते हैं तो उसका उतना ही ज्यादा ख्याल रखते हैं और अपने स्टेटस को बनाए रखते हैं या और बड़ा करना चाहते हैं| जैसे किसी को अमीर होने का फक्र होता है| जिस दिन हमें अपने मानव होने पर और अपने मानवता पर फक्र होगा उसी दिन इसकी वैल्यू समझ सकेंगे या फिर जब हम मृत्यु की सैया पर होंगे| हमें पछताना न पड़े इसलिए आज ही हमें जागृत होना पड़ेगा|

हम में से कुछ या बहुत कुछ लोगों को आपने देखा होगा की हम लोग को कोई जब गिफ्ट देता है तो हम उसकी कदर नहीं करते या उसकी वैल्यू जो है गिफ्ट के कीमत पर निर्भर करती है| या अगर कदर करते भी हैं तो उसको बहुत संभाल कर रखते हैं| शायद हम में से कई सारे लोग यह भी करते हैं जैसे कि दिवाली में किसी ने कुछ गिफ्ट दीया और फिर कोई उनके यहां पर आता है और गिफ्ट उनको देते हैं| और वह गिफ्ट गोल गोल घूमते रहती हैं| बात छोटी सी है या बड़ी इसका महत्व नहीं है| कुछ लोगों को तो गिफ्ट जमा करने की आदत होती है| हमारे आजू बाजू में ही ऐसे कई सारे बच्चे बूढ़े बुजुर्ग और परिवार होंगे जो हमारी तरह ऐसे गिफ्ट का इंतजार करते हैं| जैसे हमको बचपन में मनपसंद जूता नहीं मिलता था तो हम दुखी होते थे उसी प्रकार वह गरीब बच्चा या परिवार है जिनके लिए आपका यह गिफ्ट एक बड़े चमत्कार जैसा हो सकता है| जरा हम पुराने बचपन के दिनों में जाते हैं जब हमें छोटा सा गिफ्ट मिलता था तो हम लोग हर्षोल्लास में भर जाते थे की वह किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहते थे | संक्षिप्त में बात यह है कि ईश्वर ने कई प्रकार के जीव बनाएं और ऐसा कहा जाता है कि मानव और मानवता सबसे बड़ा गिफ्ट है| मानव सबसे बड़ा भाग्यशाली है| तो क्या हम ईश्वर की दी हुई इस गिफ्ट का सदुपयोग और कदर करते हैं या फिर? बचपन में खिलौने की कार से खुश होते थे आज बीएमडब्ल्यू से| क्या हम में से मैं किसी को भी बचपन से लेकर आज तक उतना या उससे ज्यादा हर्षोल्लास हुआ है कि मैं एक मानव हूं मुझे ईश्वर ने इतना बड़ा गिफ्ट दिया है? उस सुंदर जूते से उस खिलौने की कार और बीएमडब्ल्यू से भी ज्यादा मानव होने का हर्षोल्लास?

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